Saturday, June 27, 2009

जीवट का जैक्सन

माइकल जैक्सन के निधन की ख़बर अचानक ऐसे आई कि सहसा विश्वास ही नहीं हुआ कौन इतनी आसानी से मान लेता कि जिस जैक्सन ने बचपन से संघर्ष ही संघर्ष किया वो मौत के सामने यूँ ही हथियार डाल देगा सनकी और क्रूर पिता की उम्मीदों के भारी-भरकम बोझ तले शुरू हुई इस कलाकार की कहानी तमाम कठिनाइयों और कामयाबिओं की मीठी-कड़वी चर्चाओं में आती रही अचरज की बात है, जैक्सन थोड़ा परेशान होने के बाद उबर जाते और सफलता का कोई नया झंडा फेहरने लगता जितनी कामयाबी मिली, उतनी ही बार परेशानी घेरने लगती कहा तो यहाँ तक गया कि उन्हें मानसिक रोग है पर कैसा रोग जब, कलाकार जैक्सन अविचलित हुए स्टेज पर रंग जमाते रहें रिकार्ड्स का ढेर लगता रहा 1958 में जन्में जैक्सन तीन दशक तक स्टेज पर सक्रिय रहे 11 साल की उम्र में जैक्सन फाइव से प्रसिद्धि का जो सिलसिला चला, वो 1982 में एल्बम थ्रिलर की 4.1 करोड़ प्रतियाँ बिकने के साथ ही अपने चरम पर पहुँच गया इस लम्बे कैरियर में उन्होंने 13 ग्रैमी अवार्ड्स जीते जैक्सन ने अपने 50 साल के इस जीवन में तमाम परीक्षाएं दीं 1993 में उन पर बाल यौन शोषण का सबसे बड़ा और कष्टकारी आरोप लगा, इसके बाद उन्होंने तमाम प्रसंशक खो दिए हालांकि 2005 में इन आरोपों से बरी भी हो गए अलग लाइफ स्टाइल ने जहाँ उन्हें भरपूर चर्चाएँ दिलाईं वहीँ इस्लाम कुबूल करने के बाद भी थोड़ा नकारात्मक प्रचार हुआ उनकी घरेलू कहानियाँ भी विवादों से भरी रहीं 1994 में उन्होंने पहली बार विवाह किया, लेकिन यह सिर्फ़ दो साल चला पाँच साल बाद फिर शादी हुई, और यह सम्बन्ध भी मात्र दो ही साल चल पाया इतना-सब कुछ झेलने के बाद जैक्सन 2001 में सबसे ज्यादा परेशान हो गए थे यह दौर इस साल सात जुलाई को ख़त्म हो जाता, जब वो फिर स्टेज पर लौटने का मन बना रहे थे, लेकिन इससे पहले ही दुनिया के स्टेज से उनकी विदाई हो गई यहाँ भी जीवट ही दिखता है उनका, रिपोर्ट्स बता रहीं हैं कि वो फिर खड़ा हो रहे थे इंजेक्शन से हुई मौत की अटकलें बता रही हैं, कि इस कलाकार ने हार नहीं मानी बल्कि असमय विदा हो जाना पड़ा

15 comments:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

श्रद्धांजलि।

Manish Kumar said...

वे बेहद मशहूर कलाकार थे। जब हम सब छोटे थे तो इनका पूरी दुनिया में काफी बोलबाला था। पर मेरा व्यक्तिगत मत है कि अपनी गायिकी से ज्यादा वो अपनी आन स्टेज उर्जा से चर्चित हुए। उनका मशीनी नृत्य, स्टेज पर उनके करतब, गोरी चमड़ी की चाहत उनके व्यक्तित्व को एक अनोखा रंग दे गई जिसकी तह में बहुत से प्रश्न उनकी रुखसती के साथ अनसुलझे ही रह गए।

अनिल पाण्डेय said...

Ye sunia aisi hi hai..pichhle kuchh saal to unka naam deegar karno se uchhala..lekin...ab sabko unki yaad sata rahi hai...khair ishwar unki atma ko shanti de..

मोहन वशिष्‍ठ said...

Uttama ji Bilkul Theek likha hai aapne Bahut hi achcha kalakar aur ek saath suddenly uska chale jaana baat utarti nahi hai dekhte hain kya result nikalta hai
unko hamari श्रद्धांजलि

anil yadav said...

ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है....

alok ranjan said...

कलाकार जब मरता है तब दुख और भी ज्यादा होता है... जैको की मौत सिर्फ 50 साल में हो गयी... लेकिन आप लोगों को जानकर हैरानी होगी की वो 40 साल तक लोगों के आइडल बन कर रहे... शायद ही किसी कलाकार के साथ ऐसा हुआ है... माइकल जैक्सन के करोड़ों फैन्स पूरी दुनिया में हैं... उनकी मौत पर सवाल भी उठ रहे हैं... हो सकता है जांच हो.. हो सकता है किसी बड़ी जांच एजेंसी ने इन्वेस्टिगेशन शुरू भी कर दी हो.. देर सबेर मौत के रहस्य से पर्दा उठ भी जाए.. लेकिन मैं तो यही कहूंगा.. जैको मरा नहीं है.. वो अब भी हमारे बीच है... हमारे दिल में है...

somadri said...

चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना.....
good homage to MJ

P.N. Subramanian said...

आपकी श्रद्धांजलि भी बड़ी खूबसूरत हो चली है. न जाने ऐसा क्यों होता है की अक्सर प्रसिद्धि पाए हुए कलाकारों के नकारात्मक पहलु को अत्यधिक प्रचार मिलता है

Rohit A Chandwaskar said...

Uttama ji ..yeh padh kar kaafi raahat mahsoos hui ki meri tarah unke tamaam fans bhi aisa hi sochte hain...chalees saalaon ke safar me kaafi kuch badla..hairstyle badli, skin colour badla, wardrobe badala, hand glove badla.hat badli,..sirf ek cheez nahi badli aur vo thi stage par aate hi unke under bhari hui vo kamaal ki energy...vo dancing steps..vo pavon ki thirkan..jise dekhte hi current sa lag jata tha..bas ab yaaden hi rah gayeen hai..meri shraddhanjali

अजित वडनेरकर said...

चर्चित व्यक्तियों का ही जीवन बिताया...
कसर तो कहीं भी नहीं रही। उनसे भी कम उम्र के प्रतिभावान लोग काल-कवलित होते रहे हैं।

काश,प्रसिद्धि के साथ विवेक भी कायम रहा करे तो बहुत सी प्रतिभाएं-व्यक्तित्व विवादों से परे समाज के लिए हमेशा प्रेरक बने रह सकते हैं।

sushant jha said...

अच्छी श्रद्धांजलि....वाकई माईकल...इकलौते थे...उन जैसा कोई नहीं।

shelley said...

achchhi sridhanjli. danyawad.

Gagan Sharma, Kuchh Alag sa said...

इंसान जब इस दुनिया में आता है तो उसके भविष्य का कुछ पता नहीं होता कि वह बड़ा हो कर कैसा बनेगा या क्या करेगा पर एक बात अटल होती है कि उसका अंत जरुर होगा। काल ने किसी भी देहधारी को कभी भी नहीं बक्शा। पर बिरले ऐसे भी होते हैं जिनकी 'ख्याति' पर काल भी बेबस हो जाता है।

दिगम्बर नासवा said...

jab vaqt aata hai......... koi kuch nahi kar saktaa...

राज भाटिय़ा said...

श्रद्धांजलि।