Sunday, December 28, 2008

बच के रहना रे!

बच के रहना इनसे, यह इन्टरनेट के महारथी लेकिन महा धोखेबाज हैं। अभी तक जो खुलासे हुए हैं, उनके मुताबिक देश के आधा दर्जन से ज्यादा कलाकार इनका शिकार बने हैं, ये संख्या दुर्भाग्य से ज्यादा भी हो सकती है। धोखे के ये एपिसोड कोलकाता से शुरू हुए। नवोदित पेंटिंग आर्टिस्ट शशांक मुख़र्जी ने एक वेबसाइट पर फ्री सेल ट्रायल का विज्ञापन देखा और अपनी प्रोफाइल डाल दी, तीन वर्क भी लोड किए। कीमत लिखी कुल-मिलाकर 700 अमेरिकन डॉलर. दो दिन बाद वेबसाइट पर sold लिख दिया गया. शशांक को मेल भेजकर 1000 रुपये आईसीआईसीआई बैंक के एक अकाउंट में जमा कराने के लिए कहा गया. साथ ही एक एड्रेस पर तीनो वर्क शिपिंग करने की हिदायत थी. शशांक ने follow किया। एक हज़ार रुपये के साथ तीन वर्क से हाथ धो लेने का दुःख शशांक को आज सोने नहीं दे रहा। उत्साह में उसने अपने दो दोस्तों अंकुर बनर्जी, सुदीप्त भट्टाचार्य और यूनिवर्सिटी के शिक्षक दीपांकर मुख़र्जी का भी नुकसान करा दिया। रांची के कलाकार अरिजीत मजुमदार और विद्या भूषण विनोद भी इसी वेबसाइट की धोखाधडी का शिकार हुए हैं। विनोद ने तो अपनी सात पेंटिंग्स से हाथ धोया है। ख़ास बात यह है कि वेबसाइट http://www.picasaartsale.com अब रिमूव कर दी गई है। शशांक इसकी शिकायत पुलिस के साइबर सेल में करने की तैयारी कर रहे हैं।
(शशांक की भेजी सूचना पर आधारित)

1 comment:

journalist said...

आपका ब्लॉग देखा, बेहतर है तमाम अन्य ब्लॉग्स से. उसमे हर तरह की कला और कलाकारों को समाहित करें.